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Nutrition Guidelines For Healthy Diet

Nutrition Guidelines For Healthy Diet

पोषण अपने आप में इतना गहरा शब्द है कि जिसके बारे में हम अगर बात करें तो शायद 2 दिन भी कम पड़ जाए इसलिए आज हम जरूरी बिंदुओं पर बात करेंगे जो हमारे दैनिक जीवन के लिए बहुत आवश्यक है।

पोषण को ध्यान में रखकर यदि हम रोजाना अपने भोजन की मात्रा को नियंत्रित करें तो कोई भी मनुष्य कभी बीमारियों का शिकार ही ना हो।

तो चलिए आज जानते हैं ऐसे पोषक तत्व के बारे में जो हमारे दैनिक जीवन में बहुत आवश्यक है एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए।

  • कार्बोहाइड्रेट्स
  • प्रोटीन
  • वसा
  • खनिज लवण
  • विटामिन
  • जल

कार्बोहाइड्रेट्स (Carbohydrate) –

कार्बोहाइड्रेट को शरीर के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत कहा जाता है इसलिए ऊर्जा प्राप्त करने के लिए इसको अपने आहार में शामिल करना बहुत आवश्यक है।

 स्रोत– कार्बोहाइड्रेट के स्रोत बहुत सारे हैं परंतु यह जानना जरूरी है कि कौन-कौन से स्रोत स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है जिनका सेवन हमारे दैनिक आहार में जरूरी है।

  • साबुत अनाज
  • दाले, चावल
  • डेयरी प्रोडक्ट्स
  • मीठे फल

शुगर में भी कार्बोहाइड्रेट की अधिक मात्रा पाई जाती है परंतु रिफाइंड,शुगर(चीनी) हमारे शरीर के लिए नुकसान दायक होती है इसलिए चीनी के स्थान पर हमें प्राकृतिक शुगर का इस्तेमाल करना चाहिए जैसे गुड़,शक्कर आदि। इनमे मिठास के साथ साथ बहुत सारे ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो हमारे शरीर के लिए बहुत आवश्यक होते है।

दैनिक मात्रा

  • यदि आप शारीरिक रूप से स्वस्थ है और रोज व्यायाम करते हैं तो 3 से 5 ग्राम प्रति किलो वजन के हिसाब से कार्बोहाइड्रेट लेना चाहिए।
  • यदि आप डायबिटीज से पीड़ित है तो 50 से 100 ग्राम प्रति दिन कार्बोहाइड्रेट का ही सेवन करें।
  • यदि मोटापे से पीड़ित है तो 50 ग्राम प्रतिदिन कार्बोहाइड्रेट का ही सेवन करें।

नोट– एक स्वस्थ व्यक्ति को प्रतिदिन 1500 से 2000 कैलोरी की आवश्यकता होती है इसलिए 45 से 60% कैलोरी हमें कार्बोहाइड्रेट से प्राप्त करनी चाहिए इसलिए 200 ग्राम से 300 ग्राम कार्बोहाइड्रेट का सेवन हमें रोजाना करना चाहिए।

प्रोटीन-प्रोटीन से हमारी मांसपेशियों एवं इम्यून सिस्टम को मजबूती मिलती है हमारे शरीर का 18 से 20% भार प्रोटीन के कारण ही है। यही नहीं प्रोटीन हृदय एवं फेफड़ों के ऊतकों को भी स्वस्थ रखता है प्रोटीन के प्रचुर सेवन से हमारे शरीर के टॉक्सिन(हानिकारक तत्वो) को हम शरीर से बाहर निकाल सकते हैं

स्रोत-प्रोटीन की मात्रा को शरीर में बढ़ाने के लिए आजकल बहुत सारे सप्लीमेंट मार्केट में पाए जाते हैं परंतु वह हमारे शरीर के लिए हानिकारक भी हो सकते हैं इसलिए हमें हमारे रसोई में ही ऐसे स्रोत प्राप्त हो जाते हैं प्रोटीन के जो बहुत सस्ते और लाभदायक है जिनसे हम रोज की प्रोटीन की आवश्यकता को पूरा कर सकते हैं और सेहतमंद रह सकते हैं जैसे कि-

  • अंकुरित अनाज
  • अंडा
  • सोयाबीन, दालें (सबसे ज्यादा प्रोटीन मसूर दाल में पाया जाता है)
  • सूखे मेवे (जैसे-अखरोट, बादाम, पिस्ता)
  • ग्रीक दही (यह दही गाढी होती है जिसकी वजह से इसमें प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है)
  • पनीर
  • ओट्स
  • दलिया
  • दूध

इनके अलावा भी बहुत सारे स्रोत उपलब्ध है परंतु यह सब कॉमन स्रोत है जो आसानी से सबको मिल जाते हैं।

दैनिक मात्रा

  1. 20 से 70 साल तक की महिलाओं को 45 से 50 ग्राम प्रोटीन प्रतिदिन लेना चाहिए।
  2. जबकि पुरुषों को हर दिन 55 से 60 ग्राम प्रोटीन प्रतिदिन अवश्य लेना चाहिए।
  3. बच्चों में प्रोटीन की सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है क्योंकि उनका शरीर बढ़वार में होता है और उनके शरीर को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रोटीन अति आवश्यक होता है।

नोट-अतः 3 से 20 साल तक के बच्चों को 15 से 45 या 50 ग्राम तक प्रोटीन की जरूरत होती है जो उनकी उम्र के अनुसार निर्धारित होती है। साथ ही यह ध्यान अवश्य रखना चाहिए कि बच्चों की डाइट का 10 से 20% भाग प्रोटीन होना चाहिए।

नोट-अतः 0.8 ग्राम प्रति किलो वजन के हिसाब से प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन प्रोटीन लेना आवश्यक है प्रोटीन शरीर में मरम्मत का कार्य करता है जिससे हम किसी भी चोट या बीमारी से जल्दी ठीक हो सकते हैं यदि हम प्रोटीन सही मात्रा में लेते हैं।

वसा– वह हमारे शरीर के लिए उतना ही आवश्यक है जितना कि कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन क्योंकि वसा से भी हमें ऊर्जा प्राप्त होती है वसा ऊर्जा देने के साथ-साथ उसे स्टोर करने का भी काम करता है ताकि स्टोर ऊर्जा जरूरत पड़ने पर हमारे शरीर के लिए लाभप्रद हो सके।

वसा दो प्रकार के होते हैं:-

  • गुड फैट(Good Fat)
  • बैड फैट(Bad Fat)

गुड फैट(Good Fat)-गुड फैट हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है यह भी दो भागों में पाया जाता है और दोनों ही भाग बराबर मात्रा में प्रतिदिन हमारे शरीर के लिए आवश्यक होते हैं।

  • मोनो सैचुरेटेड
  • पोली सैचुरेटेड
  1. मोनोसैचुरेटेड– मोनोसैचुरेटेड फैट ड्राई फ्रूट्स, मूंगफली बटर,वेजिटेबल ऑयल(ऑलिव ऑयल,पीनट ऑयल) आदि में पाया जाता है जो हमारे शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं।
  2. पोली सैचुरेटेड-पोली सैचुरेटेड फैट कोलेस्ट्रॉल लेवल को घटाकर हृदय को स्वस्थ रखते हैं जैसे- ओमेगा-3 ,फैटी एसिड (अखरोट, अलसी के बीज,सनफ्लावर बीज, टोफू आदि)।

बैड फैट(Bad Fat)– सैचुरेटेड तथा ट्रांस फैट इस श्रेणी में आते हैं जो कि हमारे शरीर पर बहुत बेकार असर डालते हैं जैसे- रिफाइंड ऑयल, हाइड्रोजेनेटेड, वेजिटेबल ऑयल्स (इसमें तरल वनस्पति तेल में हाइड्रोजन मिलाकर तैयार किया जाता है ताकि उसे और भी ठोस बनाया जा सके और खाद्य पदार्थों की सेल्फ-लाइफ बढ़ाई जा सके।

इसलिए इन ऑयल से बने पदार्थ नहीं खाने चाहिए जैसे-पैकेट चिप्स, फ्रेंच फ्राइस, कुकीज, केक, पेस्ट्रीज, बटर, पॉपकॉर्न आदि को दैनिक जीवन का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए क्योंकि यह हमारे स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव डालते हैं।

विटामिन– विटामिन्स का हमारे जीवन में अत्यधिक महत्व है यह हमें बहुत सारी बीमारियों से सुरक्षित रखते हैं और यदि इनकी प्रचुर मात्रा हमारे शरीर में ना उपस्थित हो तो इनकी कमी से रोग उत्पन्न हो सकते हैं।

विटामिन दो प्रकार के होते हैं:-

1-जल में घुलनशील विटामिन

2-वसा में घुलनशील विटामिन

दोनों तरह के विटामिन का ही हमारे शरीर में विशेष महत्व है।

1-जल में घुलनशील विटामिन– इस प्रकार के विटामिन ज्यादा समय तक शरीर में संगठित संग्रहित नहीं रहते हैं और आसानी से मूत्र के द्वारा शरीर के बाहर निकल जाते हैं! जैसे-

विटामिन B    विटामिन C

विटामिन B और विटामिन C दोनों हमारे शरीर के लिए बहुत आवश्यक है इसलिए इनको रोजाना भोजन के रूप में लेना अति आवश्यक है!

  • विटामिन B स्रोत– दूध,चीज, अंडे, हरी सब्जियां, फल(खट्टे फल, केला, एवोकाडो), सूखे मेवे
  • विटामिन C स्रोत-नींबू ,संतरा, आंवला, अ अमरूद, आलू , चुकंदर, धनिया, कीवी

2-वसा में घुलनशील विटामिन्स-वसा में घुलनशील विटामिन वह होते हैं जो हमारे शरीर में आसानी से संग्रहित किए जा सकते हैं!

यह फैटी ऊतको तथा लीवर में बहुत दिन तक या महीनों तक भी संग्रहित रह सकते हैं जैसे-

विटामिन A     विटामिन D

विटामिन E     विटामिन K

  • विटामिन A स्रोत– डेरी प्रोडक्ट, मछली, आम, पपीता गाजर, शकरकंदी
  • विटामिन D स्रोत-दूध, दही, सोया दूध, अंडे की जर्दी,चीज,फैटी फिश
  • विटामिन E स्रोत-बादाम, सूरजमुखी के बीज, पालक, अखरोट, मूंगफली
  • विटामिन K स्रोत-कीवी, पालक, हरी मटर, अनार, एवोकाडो,अंकुरित अनाज

नोट-इन सभी प्रकार के विटामिन्स का हमारे शरीर में विशेष महत्व है कुछ चीजें इन सूचियों में कॉमन है जिनका इस्तेमाल आप दैनिक आहार में करके विटामिन की कमी व उनसे होने वाले रोगों से अपने आप को सुरक्षित रख सकते हैं।

जल-आप सभी इस बात से परिचित हैं कि जल हमारे शरीर के लिए कितना आवश्यक है क्योंकि हमारे शरीर का 70% भाग जल से ही बना है इसलिए जल को प्रचुर मात्रा में हमें रोजाना ग्रहण करना चाहिए तभी हमारा शरीर सही प्रकार से कार्य करता है।

दैनिक मात्रा-1.5 ली० से 2.0 ली० जल हमें रोजाना ग्रहण करना चाहिए यदि हम इतना जल रोजाना पिएंगे तो हम अनेकों रोगों से दूर रहेंगे और जल के द्वारा शरीर से हानिकारक तत्वो को आसानी से बाहर निकाला जा सकता है।
निष्कर्ष-यह सभी पोषक तत्व हमारे शरीर निर्माण तथा उसके सुचारू रूप से कार्य करने की क्षमता को बनाए रखने के लिए अति आवश्यक है इसलिए इन सभी पोषक तत्वों को ध्यान में रखकर दैनिक आहार(Healthy Diet) लेना आवश्यक है।

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Supriya Yadav
Priya has done Masters in Human Development and Social Work, She is specialized in Food and Nutrition. Apart from sharing healthy tips she is a humble person and fashion diva. She follows the latest trends and takes all steps boldly and inspires other women also.
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